
जालौर, 2 नवम्बर 2025 —
श्री क्षत्रिय युवक संघ की ओर से आयोजित चार दिवसीय मातृशक्ति प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ रविवार को पचानवा गांव स्थित श्री आशापुरा रिसोर्ट में हुआ।
शिविर का उद्घाटन शिविर प्रमुख प्रेम कंवर चितलवाना ने सभी स्वयंसेविकाओं के भाल पर तिलक लगाकर और प्रार्थना के साथ किया।
अपने स्वागत उद्बोधन में प्रेम कंवर ने कहा कि नारी समाज की धुरी है, और सदियों से राष्ट्र के यश व कीर्ति को जीवंत रखने में क्षत्राणियों का अद्वितीय योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में कहीं समाज अपनी गौरवशाली क्षात्र परंपरा को न भूल जाए, इसीलिए संघ द्वारा ऐसे संस्कार शिविर आयोजित किए जाते हैं ताकि नई पीढ़ी उस परंपरा को आगे बढ़ा सके।
प्रेम कंवर ने कहा,
“क्षत्राणियों की चारित्रिक पवित्रता और संस्कारों के कारण ही भगवान ने भी क्षत्रिय कुल में अवतार लिए हैं। उस पवित्रता को बनाए रखना ही एक क्षत्राणी का सच्चा धर्म है।”
उन्होंने सभी मातृशक्ति को संदेश दिया कि वे अपने मूल स्वरूप को पहचानें, और आज के प्रदूषित वातावरण में अपनी मर्यादाओं व उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें, तभी उनका जीवन सच्चे अर्थों में सार्थक हो सकेगा।
शिविर की झलकियाँ और गतिविधियाँ:
शिविर में प्रतिदिन प्रातःकालीन जागरण, अर्थबोध, खेल-कूद, सहगान, बौद्धिक सत्र और चर्चाओं के माध्यम से क्षत्रियोचित जीवन के सर्वांगीण विकास का अभ्यास करवाया जा रहा है।
जवाई नदी के तट पर स्थित इस सुंदर प्राकृतिक स्थल पर जालौर, पाली और सिरोही जिलों की 185 बालिकाएँ क्षात्रधर्म का प्रशिक्षण ले रही हैं।
पथक शिक्षिकाओं में —
ओम कंवर (निंबो का वास), बालू कंवर (माण्डाणी), डिम्पल कंवर (विरोल), विजयलक्ष्मी (मालपुरा), सुमन कंवर (प्रतापगढ़), साक्षी कंवर (जाविया), जयश्री कंवर (आलावा) और दुष्यंत कंवर (बलुपुरा) अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।
विस्तार प्रमुख हिमानी कंवर (मालपुरा) शिविर संचालन का नेतृत्व कर रही हैं, जबकि पिंकू कंवर (धीगांणा) और सुमन कंवर (बेदाना) सहयोगी के रूप में योगदान दे रही हैं।

श्रवण कुमार ओड़ जालोर जिले के सक्रिय पत्रकार और सामाजिक विषयों पर लिखने वाले लेखक हैं। वे “जालोर न्यूज़” के माध्यम से जनहित, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों को उजागर करते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य है—सच दिखाना और समाज की आवाज़ बनना।






