पत्रकार श्रवण कुमार ओड़ जालोर

जयपुर। राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल फिर गर्म हो गया है। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इन चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया है। लक्ष्मणगढ़ दौरे के दौरान मंत्री ने ओबीसी आरक्षण पर कड़ा रुख जाहिर करते हुए साफ कहा कि राज्य में बिना आरक्षण तय किए कोई भी चुनाव कराना संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
मंत्री खर्रा मंगलवार को सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ स्थित रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मंत्री खर्रा ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर निकाली गई ‘एकता पदयात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। संबोधन के दौरान उन्होंने सरदार पटेल के योगदान को याद किया, लेकिन उनका मुख्य फोकस आगामी चुनावों और ओबीसी आरक्षण को लेकर बनी राजनीतिक चर्चा पर रहा।
ओबीसी आरक्षण तय होने के बाद होगा चुनाव
मंत्री खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने सितंबर में ही निकाय और पंचायत चुनावों के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, लेकिन दो अहम प्रक्रियाएं अभी बाकी हैं। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को ओबीसी आबादी से जुड़े नए आंकड़े जुटाने हैं। वहीं राज्य निर्वाचन विभाग को मतदाता सूची का अंतिम संशोधन पूरा करना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन दोनों औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद ही चुनाव संभव होंगे और सरकार चाहती है कि निकाय और पंचायत दोनों चुनाव एक साथ करवाए जाएं।
कांग्रेस पर मंत्री खर्रा का हमला
उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस बिना ओबीसी आरक्षण व्यवस्था पूरी किए चुनाव कराने की बात कर रही है, जबकि बीजेपी सरकार ऐसा नहीं होने देगी। मंत्री खर्रा ने कहा कि ओबीसी समुदाय का अधिकार सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। चुनाव प्रक्रिया में थोड़ी देरी भले हो जाए, लेकिन आरक्षण तय किए बिना चुनाव नहीं होंगे।

श्रवण कुमार ओड़ जालोर जिले के सक्रिय पत्रकार और सामाजिक विषयों पर लिखने वाले लेखक हैं। वे “जालोर न्यूज़” के माध्यम से जनहित, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों को उजागर करते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य है—सच दिखाना और समाज की आवाज़ बनना।






